प्रार्थना: माँ सरस्वती! मुझको नवल उत्थान दो ( Mujhko Naval Utthan Do, Maa Saraswati Vardan Do)

Maa Saraswati Vardan Do : माँ सरस्वती वरदान दो” प्रार्थना के माध्यम से हम माँ सरस्वती से प्रार्थना करते हैं कि वे हमें विद्या, ज्ञान, संगीत, कला और साहित्य के क्षेत्र में श्रेष्ठता प्राप्त करने का आशीर्वाद दें। यह प्रार्थना हमारे मन, मस्तिष्क और आत्मा को जागृत करती है और हमें सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती है।

मुझको नवल उत्थान दो प्रार्थना

माँ सरस्वती वरदान दो प्रार्थना |Maa Saraswati Vardan Do

मुझको नवल उत्थान दो Lyrics

मुझको नवल उत्थान दो ।
माँ सरस्वती! वरदान दो ॥
माँ शारदे! हंसासिनी,
वागीश! वीणावादिनी ।
मुझको अगम स्वर-ज्ञान दो । ..

माँ सरस्वती! वरदान दो ॥
मुझको नवल उत्थान दो।

निष्काम हो मनोकामना,
मेरी सफल हो साधना । ..
नव गति, नई लय तान दो । ..

माँ सरस्वती! वरदान दो ।
मुझको नवल उत्थान दो ॥

हो सत्य जीवन-सारथी,
तेरी करूँ नित आरती । ..
समृद्धि, सुख, सम्मान दो । ..

माँ सरस्वती! वरदान दो ।
मुझको नवल उत्थान दो ॥

मन, बुद्धि, हृदय पवित्र हो,
मेरा महान चरित्र हो । ..
विद्या, विनय, बल दान दो । ..
माँ सरस्वती! वरदान दो ॥

सौ वर्ष तक जीते रहें,
सुख-अमिय हम पीते रहें । ..
निज चरण में सुस्थान दो । ..

माँ सरस्वती! वरदान दो ।
मुझको नवल उत्थान दो ॥

यह विश्व ही परिवार हो,
सबके लिए सम प्यार हो । ..
आदेश लक्ष्य महान दो । ..
माँ सरस्वती! वरदान दो ॥

मुझको नवल उत्थान दो ।
माँ सरस्वती! वरदान दो ॥

प्रार्थना माँ सरस्वती! मुझको नवल उत्थान दो ( Mujhko Naval Utthan Do, Maa Saraswati Vardan Do)
Mujhko Naval Utthan Do, Maa Saraswati Vardan Do

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