शिव मंत्र पुष्पांजली सहित सम्पूर्ण पूजन विधि और मंत्र श्लोक

भगवान शिव देव हमारे देवताओं में सर्वोच्च हैं। वे अपने भक्तों की सभी कठिनाइयों को दूर करने में सक्षम हैं। यदि कोई भक्त शिव मंत्र, शिव श्लोक, महामृत्युंजय मंत्र, शिव स्तुति और शिव गायत्री मंत्र को नहीं जानता हो, और केवल “ॐ नमः शिवाय” का मंत्र उच्चारण करे, तो भी महादेव उनकी संरक्षा के लिए संवर्धित रहते हैं। हालांकि, शिव पूजा और शिव मंत्रों को विधिवत अनुसरण करने से वे और भी प्रसन्न होते हैं। इस पोस्ट में हम उनी मंत्रों  का जाप करेंगे।

 

शिव मंत्र Shiv Mantra in Hindi

कर्पूर गौरमं कारुणावतारं, संसार सारम भुजगेंद्र हारम |

सदा वसंतां हृदयारविंदे, भवम भवानी साहितम् नमामि ||

मंगलम भगवान शंभू , मंगलम रिषीबध्वजा ।

मंगलम पार्वती नाथो, मंगलाय तनो हर ।।

सर्व मंगल मङ्गल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके ।

शरण्ये त्रंबके गौरी, नारायणी नमोस्तुते ।।

 

 

शिव पुष्पांजलि मंत्र  – Shiva Stuti in Hindi

शिव मंत्र पुष्पांजलि – Shiva mantra in Hindi-शिव पुष्पांजलि मंत्र

 

।। अथ मंत्र पुष्पांजली ।।

 

ॐ यज्ञेन यज्ञमयजंत देवास्तानि धर्माणि प्रथमान्यासन्, ते हं नाकं महिमान: सचंत यत्र पूर्वे साध्या: संति देवा:

ॐ राजाधिराजाय प्रसह्ये साहिने |नमो वयं वैश्रवणाय कुर्महे, स मे कामान्कामकामाय मह्यम् |

कामेश्वरो वैश्रवणो ददातु, कुबेराय वैश्रवणाय | महाराजाय नम:

ॐ स्वस्ति साम्राज्यं भौज्यं स्वाराज्यं वैराज्यं, पारमेष्ठ्यं राज्यं माहाराज्यमाधिपत्यमयं समंतपर्यायी

सार्वायुष आंतादापरार्धात्पृथिव्यै समुद्रपर्यंता या एकराळिति, तदप्येष श्लोकोऽभिगीतो मरुत: परिवेष्टारो मरुत्तस्यावसन्गृहे

आविक्षितस्य कामप्रेर्विश्वेदेवा: सभासद इति।

ॐ विश्व दकचक्षुरुत विश्वतो मुखो विश्वतोबाहुरुत, विश्वतस्पात संबाहू ध्यानधव धिसम्भत त्रैत्याव भूमी जनयंदेव एकः।

ॐ तत्पुरुषाय विदमहे, महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात्।’ॐ

नाना सुगंध पुष्पांनी यथापादो भवानीच, पुष्पांजलीर्मयादत्तो रुहाण परमेश्वर

ॐ भूर्भुव: स्व: भगवते श्री सांबसदाशिवाय नमः।

 

 

।। मंत्र पुष्पांजली समर्पयामि।।

 

 

 शिव गायत्री मंत्र  – Lord Shiva Gayatri Mantra

 शिव गायत्री मंत्र एक शक्तिशाली और पवित्र मंत्र है, जो महादेव भगवान, परिवर्तन, विनाश और पुनर्जन्म के सर्वोच्च देवता को समर्पित है। यह हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण और प्रशंसित मंत्रों में से एक है।

 

मंत्र जाप करते समय, मुख को हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा में रखना चाहिए या फिर काशी की तरफ मुख करके जाप करना चाहिए। ऐसा करने से जप सफल और फलदायी होता है, क्योंकि काशी (वाराणसी) भगवान शिव की पवित्र नगरी मानी जाती है। काशी में मुख करके मंत्र का जाप करने से हम शिव भगवान के ध्यान में रहते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करते हैं।

 

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शिव पूजा मंत्र – Shiv Mantra in Sanskrit 

शिव पूजा मंत्र - शिव मंत्र

 

शिव जी की पूजा हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह पूजा शिव भगवान के आराधना और समर्पण का एक आध्यात्मिक अभ्यास है। शिव पूजा के दौरान भक्त शिवलिंग या शिव मूर्ति के सामने जाकर उनकी पूजा करते हैं।

 

शिव पूजा सामग्री

 

शिव जी की पूजा में धूप, दीप, फूल, बेल पत्र, गंगाजल, बिल्व पत्र, धातु के कलश, पंचामृत, चंदन, कपूर, हल्दी, अक्षत, नैवेद्य, धनिया, पानी, दूध, फल, नगदा, गुड़, घी, वस्त्र आदि का उपयोग किया जाता है। भक्त शिव मंत्र, श्लोक, स्तोत्र या शिव गायत्री मंत्र का जाप करते हैं और शिव की कृपा और आशीर्वाद की प्रार्थना करते हैं।

 शिव जी की पूजा का मुख्य उद्देश्य 

 

शिव जी की पूजा का मुख्य उद्देश्य अपने मन को शुद्ध करके आध्यात्मिक एवं शारीरिक उन्नति को प्राप्त करना है। यह पूजा भक्त को शिव भगवान के साथ संवाद में ले जाती है, उनकी कृपा प्राप्त कराती है और उनके आदर्शों के अनुरूप जीने की प्रेरणा प्रदान करती है।

 

शिव जी की पूजा को श्रद्धा और भक्ति से किया जाना चाहिए। यह पूजा साधक को संतोष, सुख, समृद्धि, आत्मिक आनंद और आत्मा की मुक्ति की प्राप्ति में सहायता करती है। शिव जी की कृपा से भक्त की सभी कठिनाइयों को दूर किया जा सकता 

 

 

 

शिव जी की पूजा स्नान समर्पण मंत्र 

 

ॐ वरुणस्योत्तम्भनमसि वरुणस्य सकम्भ सर्ज्जनीस्थो |

वरुणस्य ऋतसदन्यसि वरुणस्य ऋतसदनमसि वरुणस्य ऋतसदनमासीद् ||

 

 कब करें : शिव जी की पूजा के दौरान इस मंत्र के द्वारा उन्हें स्नान कराएं।  

 शिवलिंग पर जल चढ़ाने का मंत्र

 

मन्दाकिन्यास्तु यद्वारि सर्वपापहरं शुभम् ।

तदिदं कल्पितं देव स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम् ॥

श्रीभगवते साम्बशिवाय नमः । स्नानीयं जलं समर्पयामि।

 

  कब करें : शिव जी की पूजा के दौरान इस मंत्र के द्वारा शिवलिंग पर जल चढ़ाये। 

 

 भगवान शिव की यज्ञोपवीत समर्पण मंत्र

 

ॐ ब्रह्म ज्ज्ञानप्रथमं पुरस्ताद्विसीमतः सुरुचो वेन आवः |

स बुध्न्या उपमा अस्य विष्ठाः सतश्च योनिमसतश्च विवः ||

 

 कब करें : भगवान शिव की पूजा करते समय यह  मंत्र के सहित  उन्हें यज्ञोपवीत समर्पण करें।  

 

शिवजी की पूजा भगवान भोलेनाथ गंध समर्पण मंत्र 

 

ॐ नमः श्वभ्यः श्वपतिभ्यश्च वो नमो नमो भवाय च रुद्राय च नमः |

शर्वाय च पशुपतये च नमो नीलग्रीवाय च शितिकण्ठाय च ||

 

कब करें : शिवजी की पूजा में यह  मंत्र उच्चारण करें , भगवान भोलेनाथ को गंध समर्पणकरने समय।  

 

 अर्धनारीश्वर भगवान भोलेना की  धूप समर्पण मंत्र

 

ॐ नमः कपर्दिने च व्युप्त केशाय च नमः सहस्त्राक्षाय च शतधन्वने च |

नमो गिरिशयाय च शिपिविष्टाय च नमो मेढुष्टमाय चेषुमते च ||

 

कब करें : शिवजी की पूजा में इस मंत्र के द्वारा भोलेनाथ जी को धुप  समर्पण करना चाहिए।

 

 

भगवान भोलेनाथ की पूजा के त्रिलोचनाय भगवान शिव को पुष्प समर्पण मंत्र 

 

ॐ नमः पार्याय चावार्याय च नमः प्रतरणाय चोत्तरणाय च |

नमस्तीर्थ्याय च कूल्याय च नमः शष्प्याय च फेन्याय च ||

 

 

कब करें : शिवजी की पूजा में इस मंत्र के द्वारा भोलेनाथ जी को पुष्प समर्पण करें। 

 

 चन्द्रशेखर भगवान भोलेनाथ को नैवेद्य अर्पण मंत्र 

 

ॐ नमो ज्येष्ठाय च कनिष्ठाय च नमः पूर्वजाय चापरजाय च |

नमो मध्यमाय चापगल्भाय च नमो जघन्याय च बुधन्याय च ||

 

कब करें : शिवजी की पूजा में यह मंत्र के द्वारा भोलेनाथ जी को नैवेद्य समर्पण करें। 

 

 

शिव पूजा के शिव  ताम्बूल पूगीफल समर्पण मंत्र 

 

ॐ इमा रुद्राय तवसे कपर्दिने क्षयद्वीराय प्रभरामहे मतीः |

यशा शमशद् द्विपदे चतुष्पदे विश्वं पुष्टं ग्रामे अस्तिमन्ननातुराम् ||

 

 कब करें : शिवजी की पूजा में यह मंत्र के द्वारा भोलेनाथ जी को ताम्बूल पूगीफल समर्पण मंत्र करें। 

 

 

भगवान शिव की पूजा के  भोलेनाथ को सुगन्धित तेल समर्पण मंत्र 

 

ॐ नमः कपर्दिने च व्युप्त केशाय च नमः सहस्त्राक्षाय च शतधन्वने च |

नमो गिरिशयाय च शिपिविष्टाय च नमो मेढुष्टमाय चेषुमते च ||

 

  कब करें : शिवजी की पूजा में यह मंत्र के द्वारा भोलेनाथ जी को तेल सामग्री समर्पण मंत्र करें।

 

भगवान भोलेनाथ की दीप दर्शन मंत्र 

 

ॐ नमः आराधे चात्रिराय च नमः शीघ्रयाय च शीभ्याय च |

नमः ऊर्म्याय चावस्वन्याय च नमो नादेयाय च द्वीप्याय च ||

 

कब करें : भगवान भोलेनाथ की दीप दर्शन करते समय यह मंत्र उच्चारण करें।  

 

 भगवान शिवजी को बिल्वपत्र समर्पण मंत्र 

 

दर्शनं बिल्वपत्रस्य स्पर्शनं पापनाशनम् |

अघोरपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम् ||

 

कब करें : शिवजी की पूजा में यह मंत्र के द्वारा भोलेनाथ जी को बिल्वपत्र समर्पण मंत्र करें।

 

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स्वास्थ्य प्राप्ति के लिए शिवजी के मंत्र  – Shiva Mantra For Health 

 

निरोग रहने और उत्कृष्ट स्वास्थ्य के लिए शिव जी के इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

 

सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम्।

भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये ।।

कावेरिकानर्मदयो: पवित्रे समागमे सज्जनतारणाय।

सदैव मान्धातृपुरे वसन्तमोंकारमीशं शिवमेकमीडे।।

 

 

शिवलिंग पर न चढ़ाएं ये चीजें

 

शिवलिंग पर कुछ ऐसी चीजें नहीं चढ़ाई जाती हैं:

 

  1. केवड़े और केतकी का पुष्प: शिवलिंग पर केवड़े  और केतकी का पुष्प अर्पित नहीं करना चाहिए। इन्हें शिवलिंग पर चढ़ाने की परंपरा नहीं है।
  2. लाल रंग के फूल : शिवलिंग पर लाल रंग के फूल चढ़ाना धार्मिक शास्त्रों में उचित नहीं माना जाता है।
  3. तुलसी दल: शिवलिंग पर तुलसी दल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। यह अनुष्ठान में उपयोगिता नहीं है और भगवान शिव की पूजा में उचित नहीं माना जाता है।
  4. हल्दी: भगवान शिव की पूजा में हल्दी का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। हल्दी शिवलिंग पर चढ़ाने की प्रथा नहीं है और इसे अनुष्ठान में शामिल नहीं किया जाता है।

 

 

शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए उचित चीजें जैसे जल, दूध, गंगाजल, बिल्व पत्र, धातु के कलश, फूल, धूप, दीप, बेल पत्र, पंचामृत, अक्षत, नैवेद्य, चंदन, कपूर आदि का उपयोग किया जाता है। ये चीजें शिव भगवान की पूजा के लिए उचित मानी जाती हैं और उनकी कृपा को प्राप्त करने में मदद करती हैं।

 

 

Shiv mantra in Hindi pdf

 


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1 thought on “शिव मंत्र पुष्पांजली सहित सम्पूर्ण पूजन विधि और मंत्र श्लोक”

  1. Tambul Shivling par chadhaya jaa sakta hai, Tambul ka matalab paan ka patta hota hai, kewda aur ketki ke pushp chadhana varjit hai , thoda aur anusandhan kar le phir iss tarah ka gyan bate , logo ko bhatakaye nahi.

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