Swami Samarth Aarti | श्री स्वामी समर्थ आरती संग्रह PDF

स्वामी समर्थ आरती (Swami Samarth Aarti) संग्रह एक महत्वपूर्ण साधना है जो श्री स्वामी समर्थ महाराज के प्रति भक्ति और आदर को व्यक्त करता है। यह संग्रह प्रसिद्ध आरतियों का संग्रह है, जो भक्तों को उनके स्वामी समर्थ महाराज के प्रति भक्ति और प्रेम को व्यक्त करने में सहायक है।

इसमें समाहित आरतियाँ भक्तों के जीवन में शांति, समृद्धि और संतोष का संदेश लेकर आती हैं, जो उन्हें अपने आध्यात्मिक सफ़र में प्रेरित करती हैं। यह संग्रह भक्तों को उनके आराध्य देवता के साथ अधिक संवाद करने और उनकी उपासना में समर्थ होने का एक शानदार माध्यम प्रदान करता है।

Swami Samarth Aarti #1 | स्वामी समर्थ आरती

जय देव, जय देव, जय श्री स्वामी समर्था, जय श्री स्वामी समर्था।
आरती ओवाळू चरणी ठेउनिया माथा ।।धृ।।

छेलि खेडे ग्रामी तु अवतरलासी, राया अवतरलासी।
जग्दउध्दारासाठी राया तु फिरसी।
भक्तवत्सल खरा तु एक होसी, राया एक होसी।
म्हणुनी शरण आलो तव चरणासी।

जय देव, जय देव, जय श्री स्वामी समर्था, जय श्री स्वामी समर्था।
आरती ओवाळू चरणी ठेउनिया माथा ।।धृ।।

त्रैगुण-परब्रम्ह तुझा अवतार, तुझा अवतार।
त्याची काय वर्णु लिला पामर।
शेशादिक क्षीणले नलगे त्या पार, नलगे त्या पार।
तेथे जडमुढ कैसा करु मी विस्तार।

जय देव, जय देव, जय श्री स्वामी समर्था, जय श्री स्वामी समर्था।
आरती ओवाळू चरणी ठेउनिया माथा ।।धृ।।

देवाधिदेवा तु स्वामी राया, तु स्वामी राया।
निरजर मुनीजन ध्याती भावे तव पाया।
तुझसी अर्पण केली आपुली ही काया, आपुली ही काया।
शरणागता तारी तु स्वामी राया।

जय देव, जय देव, जय श्री स्वामी समर्था, जय श्री स्वामी समर्था।
आरती ओवाळू चरणी ठेउनिया माथा ।।धृ।।

अघटीत लिला करुनी जडमुढ उध्दारिले, जडमुढ उध्दारिले।
किर्ती एकूनी कानी चरणी मी लोळे।
चरण प्रसाद मोठा मज हे अनुभवले, मज हे अनुभवले।
तुझ्या सुता नलगे चरणा वेगळे।

जय देव, जय देव, जय श्री स्वामी समर्था, जय श्री स्वामी समर्था।
आरती ओवाळू चरणी ठेउनिया माथा ।।धृ।।

Swami Samarth Aarti #2 (Kakad Aarti) Lyrics in Marathi

Swami Samarth Aarti #2 (Kakad Aarti) Lyrics in Marathi
Swami Samarth Kakad Aarti

ओवाळीतो काकड आरती स्वामी समर्थ तुजप्रती । स्वामी समर्थ तुजप्रती।
चरण दावी जगत्पते । स्मरतो तुझी अभिमूर्ती ॥धृ॥

भक्तजन येऊनिया दारी उभे स्वामीराया। दारी उभे स्वामीराया।
चरण तुझे पहावया। तिष्ठती अती प्रीती ॥१॥

ओवाळीतो काकड आरती स्वामी समर्थ तुजप्रती । स्वामी समर्थ तुजप्रती।
चरण दावी जगत्पते । स्मरतो तुझी अभिमूर्ती ॥धृ॥

भक्तांच्या कैवारी समर्था समर्थ तु निरधारी। समर्था समर्थ तु निरधारी।
भेट घेऊन चरणावरी। गातो आम्ही तुझी स्तुती ॥२॥

ओवाळीतो काकड आरती स्वामी समर्थ तुजप्रती । स्वामी समर्थ तुजप्रती।
चरण दावी जगत्पते । स्मरतो तुझी अभिमूर्ती ॥धृ॥

पूर्णब्रम्ह देवाधिदेवा निरंजनी तुझा ठावा। निरंजनी तुझा ठावा।
भक्तासाठी देहभाव। तारिसी तु विश्वपती ॥३॥

ओवाळीतो काकड आरती स्वामी समर्थ तुजप्रती । स्वामी समर्थ तुजप्रती।
चरण दावी जगत्पते । स्मरतो तुझी अभिमूर्ती ॥धृ॥

स्वामी तुची कृपाघन ऊठुन देई दर्शन। ऊठुन देई दर्शन।
स्वामीदास चरण वंदी। मागतसे भावभक्ती ॥४॥

ओवाळीतो काकड आरती स्वामी समर्थ तुजप्रती । स्वामी समर्थ तुजप्रती।
चरण दावी जगत्पते । स्मरतो तुझी अभिमूर्ती ॥धृ॥

Jai Jai Sadguru Swami Samarth Aarti #3| जय जय सद्-गुरु स्वामी समर्था

Jai Jai Sadguru Swami Samarth Aarti #3 जय जय सद्-गुरु स्वामी समर्था
समर्थ आरतीजय जय सद्-गुरु

जय जय सद्-गुरु स्वामी समर्था,
आरती करु गुरुवर्या रे ।
अगाध महिमा तव चरणांचा,
वर्णाया मति दे यारे ॥धृ॥

जय जय सद्-गुरु स्वामी समर्था,
आरती करु गुरुवर्या रे।

अक्कलकोटी वास करुनिया,
दाविली अघटित चर्या रे।
लीलापाशे बध्द करुनिया,
तोडिले भवभया रे ॥१॥

जय जय सद्-गुरु स्वामी समर्था,
आरती करु गुरुवर्या रे ।

यवन पूछिले स्वामी कहाॅ है,
अक्कलकोटी पहा रे ।
समाधी सुख ते भोगुन बोले,
धन्य स्वामीवर्या रे ॥२॥

जय जय सद्-गुरु स्वामी समर्था,
आरती करु गुरुवर्या रे ।

जाणिसे मनीचे सर्व समर्था,
विनवू किती भव हरा रे ।
इतुके देई दीनदयाळा,
नच तव पद अंतरा रे ॥३॥

जय जय सद्-गुरु स्वामी समर्था,
आरती करु गुरुवर्या रे ।

श्री स्वामी समर्थ आरती संग्रह PDF

आप नीचे दिए गए लिंक से श्री स्वामी समर्थ आरती संग्रह PDF डाउनलोड कर सकते हैं।


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