राजा अम्बरीश राजा अम्बरीश, एक श्रेष्ठ भक्त थे। वे एक बार एकादशी उपवास का व्रत रखा था। दूसरे दिन उनको सूर्योदय के तुरंत बाद नाश्ता (पारण) खाना था। एक ....
महाज्ञानी शुकदेव वेदव्यास जो महाभारत तथा अन्य पुराणों के प्रणेता हैं, उस मुनि के पुत्र शुकदेव हैं। शुकदेव महान विद्वान तथा प्रबुद्ध पंडित थे। उन्होंने शुकदेव को सब कुछ ....
भगवान कृष्ण को मिठाई समर्पण भगवान श्रीकृष्ण अपने सखों के साथ यमुना नदी के किनारों पर खेलता था । श्रीकृष्ण के दोस्त हर दिन कुछ न कुछ खाने को ....
दधीचि का त्याग अश्विनी कुमार, देवताओं के दिव्य चिकित्सक थे। वे ब्रह्मविद्या को सीखना चाहते थे। लेकिन देवताओं के राजा इंद्र को यह अच्छा नहीं लगता था। उनको यह ....
परम भक्तिन अलगि राजराजचोल, तमिलनाडु के राजा थे। वे शिव भक्त थे । तंजाउर जो उनके राज्य का केन्द्र था, वहाँ उन्होंने भगवान शिव का मंदिर बनवाना चाहा। हजारों ....
दिव्य संगीतज्ञ हरिदास दिल्ली के बादशाह अकबर के दरबार में तानसेन नामक एक प्रसिद्ध संगीतज्ञ विराजते थे। अकबर ने तानसेन से एक दिन कहा था ‘संगीत में तुम अद्वितीय ....
पिप्पलाद का अविवेकी वरदान वृत्रासुर को मारने के लिए अपनी हड्डियों से वज्रायुध बनवाने दधीचि मुनि ने देवताओं के राजा इंद्र की सहायता में अपना जीवन त्याग दिया । ....
महादाता कर्ण एक दिन अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रश्न किया ‘सभी लोग केवल कर्ण को ही महादानी मानते हैं? मैं भी लोगों को दान देता हूँ।’ श्रीकृष्ण ने ....
नारायण मंत्र का प्रभाव एक बार नारद मुनि, विष्णु के पास आये, नमन किया तथा एक प्रश्न भगवान से पूछा ‘हे विश्व के विधाता ! जगन्नाथ! आपके सारे भक्तगण ....
भीमसेनः श्रीकृष्ण भगवान का प्रियतम भक्त वनवास के समय एक दिन को पांड़यों ने भगवान बोकृष्ण को भोजन के लिए कुलाना चाहा। पांडवों का भ्राता नकुल ने यह कहा ....